Skip to main content

वो बचपन (Childhood Memories)

वो बचपन का दिन आज मुझे फिर से याद आया,
वो बारिश के पानी में कागज की नाव चला कर
मैं सारी गलियां घुम आया,
जो मजा उस कागज कि नाव को चलाने में आया
वो मजा आज उस असली कि नाव में नहीं आया।।

वो बचपन में छुपकर अपनी पसंद
की चीजों को बड़े चाव से खाया,
वो स्कूल में कभी-कभी छुपके से
बगल वाले का टिफिन चुराया,
उस वक्त सच में बड़ा मजा आया।।

कुछ भी गलती करके दूसरे का नाम लगाया,
खुद को होशियार समझ बडा मुस्कुराया।।

वो बचपन भी क्या खूबसूरत यादें लाया
जब मैंने चांद को अपना मामा बताया,
बैठे-बैठे ही मैंने खुद को मनचाहा इंसान बनाया
कभी डॉक्टर बन कर किसी को सुई लगाई
कभी पुलिस बनकर लाठी चलाई
बचपन में खूब मौज उडाई।।

वह बचपन में किसी के घर की खिड़की
का काँच बॉल से तोड़ आना
फिर घर आकर भोला सा मुंह बनाना,
किसी की गाड़ियां साइकिल पंचर कर आना
फिर छुपकर उसकी हंसी उड़ाना,
फिर दोस्तों के साथ गिल्ली डंडा उड़ाना
चीटिंग से खेल जीत जाना
हारने वाले को चिढ़ाना फिर खूब खुशी मनाना।।

क्या खूबसूरत था वो बचपन का बहाना,
बोतल से पानी आंख में डाल आंसू बहाना,
मां को पार्क ले जाने के लिए प्यार से मनाना,
वो बार-बार आइसक्रीम वाले के पास जाना
और कौनसी-कौनसी आइसक्रीम है पूछ कर आना
सब बड़ा मजेदार था।।

वो बचपन ही तो सारा मेरी खुशियों का दावेदार था,
जब मैं दुख दर्द और परेशानियों के नाम के अक्षरों से
कहीं दूर उस आसमां के पार था,
जब केवल खेल कूद और खाना पीना
सोना ही मेरा संसार था।।

वो बचपन भी क्या मजेदार था,
मेरी हर गलती पर सब मुझे माफ करने को तैयार था,
मेरी खुशियों का हर कोई दावेदार था,
सबका लाड प्यार तो मानो बचपन में कोई उपहार था,
उस वक्त 2 मिनट में कट्टी और 2 मिनट में बट्टी
यह दोस्ती का सिलसिला सच में बड़ा मजेदार था।।

इस जिंदगी में सबसे खूबसूरत "बचपन" ही मेरा यार था,
भाई बहनों के साथ बीता हर पल यादगार था,
इस वक्त इनमें प्यार भी बड़ा मजेदार था,
सब कुछ छोड़ भाई बहन और मां बाप मैं ही मेरा संसार था ।।

वो बचपन का हर किस्सा यादगार था,
स्कूलों में मैंने भी मारा दोस्तों को कई बार था
पर दोस्तों का मजा उस वक्त बड़ा मजेदार था ।।

बचपन के साथ ही सब बदल गया,
ना जाने अब मैं कहां उलझ गया,
ना वो मस्ती की बाहार है,
ना ही नादानी  की बौछार है,
अब तो हर पल जिम्मेदारी और समझदारी का अंबार है,
हर दिन नई सीख लेने के लिए अब यह जीवन तैयार है,
क्योंकि अब कहां वो बचपन जैसा
मौज मस्ती और नादानी करने का त्यौहार है ।।

Comments

  1. Really childhood has best memories of life

    ReplyDelete
  2. I can relate to this ! ..Keep up the good work!. And always mention your name at the end.

    ReplyDelete
  3. Wou bachpan ka har kissa yaadgaar tha ���� I love this line ��

    ReplyDelete

Post a Comment